Famous landmarks of ancient Rome

रोम के कोलोज़ियम और ट्रैवी फ़ाउंटेन के साथ वेटिकन का सफ़र

When in Rome, do as romans do. सेंट ऑगस्टीन की कही इस बात को मानते हुए, अपनी यूरोप यात्रा के आखरी पड़ाव पर, हम आ…

कुछ ऐसा था ऐफ़िल टावर वाले पेरिस का नज़ारा

ज़िंदगी में कुछ चीज़ें अचानक होती हैं. मेरी यूरोप यात्रा भी एक दिन ऐसे ही अचानक तय हो गई.  दिल्ली के इंदिरा गांधी एयर पोर्ट…

ल्यूसर्न की रूस नदी और ख़ूबसूरत चैपल ब्रिज

अपनी यूरोप यात्रा के अगले दिन हम सुबह-सुबह बस में बैठकर पेरिस से ल्यूसर्न की तरफ़ निकले. ये सफ़र क़रीब 600 किलोमीटर का था और…

फ़्लोरेंस की अनोखी मूर्तियां और पीसा की झुकी मीनार

किताबों के पन्ने पलटते हुए माइकलएंजिलो और गैलीलियो के नाम ज़िंदगी में आए और ज़िंदगी के पन्ने पलटते हुए आज मैं उनकी यादों के शहर…

हिमाचल के जिभी में बर्फ़, बारिश और धूप के मज़े

बर्फ़ का गिरना दुनिया के सबसे मुलायम और ख़ूबसूरत अहसासों में से एक है. गिरती हुई बर्फ़ आपको अपने भीतर मौजूद सुकून की तरफ़ ले…

गुलाबी नगरी जयपुर का सफ़र

वो दोपहर का वक्त था जब हम दिल्ली से जयपुर की तरफ़ रवाना हुए. दिल्ली-जयपुर हाइवे गुड़गाँव से होकर निकलता है. यह एक पारिवारिक ट्रिप…

लहराते समंदर पर बना अनूठा शहर है वेनिस 

यह 2018 में की गई मेरी यूरोप यात्रा के वृत्तांत हैं जो दैनिक भास्कर में सिलसिलेवार प्रकाशित हो रहे हैं. पूरी यूरोप यात्रा सीरीज़ पढ़ने…

यूरोप का सबसे बड़ा झरना और क्रिस्टल का जादुई संग्रहालय

यह 2018 में की गई मेरी यूरोप यात्रा के वृत्तांत हैं जो दैनिक भास्कर में सिलसिलेवार प्रकाशित हो रहे हैं. पूरी यूरोप यात्रा सीरीज़ पढ़ने…

दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली की यात्रा 

यह लेख इससे पहले दैनिक जागरण में प्रकाशित हो चुका है. मैं पूर्वोत्तर के राज्य असम के जोरहाट में था. यहां एक रोचक यात्रा मेरा…

रद्दी के अख़बार सरीखा खाली सा बेकार सा दिन

रद्दी के अख़बार सरीखा खाली सा बेकार सा दिन उमेश पंत रद्दी  के  अख़बार  सरीखा खाली  सा बेकार  सा दिन हफ़्ताभर  थक  हार के  लौटे…

दुनिया के पहले रोटेयर गोंडोला से माउंट टिटलिस की यात्रा

यह 2018 में की गई मेरी यूरोप यात्रा के वृत्तांत हैं जो दैनिक भास्कर में सिलसिलेवार प्रकाशित हो रहे हैं. पूरी यूरोप यात्रा सीरीज़ पढ़ने…

यूरोप की सबसे ऊंची चोटी युगफ़्राओ की यात्रा

यह 2018 में की गई मेरी यूरोप यात्रा के वृत्तांत हैं जो दैनिक भास्कर में सिलसिलेवार प्रकाशित हो रहे हैं. पूरी यूरोप यात्रा सीरीज़ पढ़ने…

गंगा की लहरों में राफ़्टिंग का मज़ा : ऋषिकेश ट्रिप-2

ऋषिकेश यात्रा का यह वृत्तांत दो हिस्सों में हैं. यहां पेश है दूसरा भाग. पहला भाग आप यहां पढ़ सकते हैं. तीसरा दिन  राफ़्टिंग का…

गंगा का शांत किनारा और पटना वॉटरफ़ॉल : ऋषिकेश यात्रा-1

ऋषिकेश यात्रा का यह वृत्तांत दो हिस्सों में है. यहां पेश है पहला भाग  पहला दिन  गंगा नदी के शांत किनारे में बीती शाम  29…

लोकतक झील के अनौखे तैरते द्वीप की यात्रा (मणिपुर ट्रिप-2)

मणिपुर यात्रा का पहला भाग यहां पढ़ें अगले दिन मणिपुर के इम्फ़ाल से करीब 40 किलोमीटर का सफ़र तय करके हम मोईरांग पहुंचे. वहां से…

कांगला फ़ोर्ट और इमा बाज़ार की यात्रा (मणिपुर ट्रिप -1)

सुबह के साढ़े-चार बज रहे थे. नेशनल हाइवे-39 पर मौजूद माओगेट से नागालैंड की सीमा समाप्त हुई और हमने मणिपुर में प्रवेश कर लिया. देश…

कामसूत्र की मूर्तियों के लिए मशहूर खजुराहो में एक दिन

साल 2016 के मार्च का महीना था. मैं तब बुंदेलखंड के बीहड़ इलाके में एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट पर था जब पता चला कि खजुराहो यहां…

20 हज़ार फ़ीट से भी ज़्यादा ऊंचे ओम पर्वत की यात्रा

यह उमेश पंत के यात्रावृत्तांत ‘इनरलाइन पास’ का एक अंश है. पूरा यात्रा वृत्तांत पढ़ने के लिए किताब यहां से मंगा सकते हैं. हम इस…

वैली ऑफ़ फ़्लावर यात्रा : भाग-2

वैली ऑफ़ फ़्लावर यात्रा का पहला हिस्सा यहां पढ़ें.  चौथा दिन  गोविंदघाट–घंघरिया 27 जून 2016 सुबह-सुबह हम गोविंदघाट के अपने होटल से निकल गए. गुरुद्वारे…

वैली ऑफ़ फ़्लावर यात्रा : भाग-1

पहला दिन  दिल्ली– देवप्रयाग 24 जून 2016   वैली ऑफ़ फ़्लावर जाने की तमन्ना बहुत पुरानी थी. जून का महीना चल रहा था. साल था…

त्रयम्बकेश्वर, जहां 12 साल में लगता है कुंभ मेला

अगर कभी हसीन पहाड़ी वादियों में जाकर धार्मिक आस्था से सराबोर होने का मन हो तो त्रयम्बकेश्वर आपके लिए एकदम मुफ़ीद जगह है। महाराष्ट्र के…

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर जाने से पहले यह ज़रूर पढ़ें

नोट : यह लेख हिन्दी दैनिक अख़बार ‘दैनिक जागरण में प्रकाशित हो चुका है’   ट्रैकिंग में रुचि रखने वालों के लिए पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक…

उत्तराखंड बाइक यात्रा – 5

पाँचवा दिन : गंगोलीहाट- बागेश्वर – सोमेश्वर – रानीखेत सुबह-सुबह गंगोलीहाट से निकल पड़े. आज का पड़ाव अभी तय नहीं हुआ था. मगर इस बार…

अलीबाग, काशिद, मुरुड और दिव्यागार बीच का सफ़र

मुंबई में रहते हुए कभी-कभी मुंबई से  दूर जाने का मन होता है। पागल करती भीड़ से दूर। एक बेवजह सा प्रदूषित ठहराव लाते ट्रेफिक…

अरुणाचल प्रदेश यात्रा : बोमडिला से तवांग वाया सेला पास

यह लेख मूलतः  ‘दैनिक जागरण’ के लिए लिखा गया था जो अख़बार के ‘सप्तरंग’ पन्ने पर प्रकाशित हो चुका है.      पूर्वोत्तर के शांत…

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक : भाग-3

यहां पढ़ें पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक : भाग-1 पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक : भाग-2 दिन 4 14 जून 2019 फुरकिया–ज़ीरो पॉइंट–द्वाली सुबह-सुबह नींद खुली तो सर का भारीपन…

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक : भाग-2

यहां पढ़ें : पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक – भाग एक  दिन 3 13 जून 2019 खाती–फुरकिया सुबह के 8 बजे जब हम खाती गाँव से निकले तो…

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक : भाग-1

नौ जून की रात के नौ बजे तक मैं अपना सारा ज़रूरी सामान एक रकसैक में डाल चुका था। कुछ गर्म कपड़े, साफ़-सफ़ाई का सामान,…

नज़ारे, नागालैंड की ख़ूबसूरत ज़ूको वैली के

नागालैंड देश के उन राज्यों में से हैं, जिसके बारे में लोग आज भी कम जानते हैं. इस राज्य में क़रीब 17 जनजातियां रहती हैं…

एक मिनट में देखिए यूरोप की झलक

घूमने में रुचि रखने वाले लोगों को यूरोप की सम्पन्नता और सुंदरता अपनी ओर आकर्षित करती है. पेरिस की करीने से बनी साफ़-सुथरी गालियां हों…

देखिए कैसी लगती है शिलोंग की वार्ड्स लेक

मेघालय के शिलोंग शहर के बीचों-बीच शांति, सुकून और प्रकृति की सुंदरता की पनाह में ले जाने वाला एक खूबसूरत ठिकाना है, वार्ड्स लेक. कहते…

तेजपुर : मिथकों और मोहब्बत का शहर

असम के तेजपर से लौटकर लिखा गया यह लेख ‘दैनिक जागरण’ के राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित हो चुका है. लहराती हुई विशाल ब्रह्मपुत्र नदी के…

इस वीडियो में देखिए ख़ूबसूरत सेला पास के नज़ारे

पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन के लिहाज़ से खूबसूरती के न जाने कितने छिपे हुए ख़ज़ाने हैं. सूर्योदय के प्रदेश कहे जाने वाले अरुणांचल प्रदेश में…

केदारकांटा ट्रेवल वीडियो (भाग-1)

उत्तराखंड में ट्रेकिंग के लिए कई ऐसे ठिकाने हैं जहां जाकर वहां से लौटने का मन नहीं होता. इन्हीं में से एक है- केदारकांटा. केदारकांटा…

तो ऐसी है वैली ऑफ़ फ़्लावर्स की दुनिया

उत्तराखंड में यूं तो ट्रेकिंग के कई ठिकाने हैं, लेकिन एक जगह जहां आपको अपनी ज़िंदगी में एक बार ज़रूर जाना चाहिए वो है-वैली ऑफ़…

डाउकी जहां बहती है मेघालय की सबसे ख़ूबसूरत नदी

उमेश पंत : मेघालय में यूं तो गनोल, दरिंग, बुगई, ख्री, उमियम जैसी कई नदियां बहती हैं. लेकिन शिलोंग से क़रीब 82 किलोमीटर दूर है एक…

माजुली के मुखौटे

असम का माजुली किसी नदी पर बना दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। देश का पहला रिवर आइलेंड डिस्ट्रिक्ट भी। यह नदी द्वीप न केवल…

उत्तराखंड में ट्रेकिंग के ख़ूबसूरत ठिकाने केदारकांटा की तस्वीरें

उमेश पंत : उत्तराखंड में उत्तरकाशी ज़िले के सांकरी नाम के एक छोटे गाँव से खुलते हैं जन्नत के दरवाज़े। केदारकांटा सांकरी से क़रीब 8…

उत्तराखंड के बेहतरीन ट्रैक में से एक केदारकांटा की ट्रेकिंग

बर्फ़ीले रास्ते, जमी हुई झील के किनारे रात को कैम्पिंग, 12500 फ़ीट की ऊंचाई से हिमालय के दीदार, उत्तराखंड में केदारकांटा के इस एक ट्रैक…

चलते-चलते दिमाग भी एक यात्रा पर निकल पड़ता है

श्रीश के पाठक : समीक्षा : इनरलाइन पास  यात्रा वृत्तांत  हिंदयुग्म प्रकाशन बड़ी मुश्किल से हम गर्भ के कोकून से निकलते हैं और फिर ज़िन्दगी…

नैन सिंह रावत : एक पहाड़ी ‘ट्रेवल सूपर हीरो’

उमेश पंत : चलते-चलते दिमाग भी एक यात्रा पर निकल पड़ता है. वो यात्रा जो थकान के एहसास को कहीं पार्श्व में डाल देती है.…

घुमक्कड़ी, घुमक्कड़ों की नज़र से

दुनिया के मशहूर घुमक्कड़, घुमक्कड़ी की अहमियत बताते हुए बहुत कुछ कह गए हैं. पेश हैं उन्हीं में से कुछ ख़ास बातें जिनसे तमाम घुमक्कड़…
Aadi Kailas trek last point

17 हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर दिखती है ज़िंदगी की गहराई

यह उमेश पंत के यात्रावृत्तांत ‘इनरलाइन पास’ का एक अंश है. पूरा यात्रा वृत्तांत पढ़ने के लिए किताब यहां से मंगा सकते हैं.   हम…

सोलांग वैली : बर्फ से बाबस्ता वो ढाई घंटे

ये एक आम ट्रिप होने जा रहा था. हम पहली रात कुल्लू (हिमांचल प्रदेश) में एक होटल बुक कर चुके थे. जिसकी बालकनी से जगमगाता…
Versova beach Mumbai

जगमग शहर में अंधेरे से जूझते हुए

नोट: यह लेख नवभारत टाइम्स (5 दिसंबर 2015) के सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हुआ है. मूल रूप से लिखा गया पूरा लेख यहां पेश है. …

देश की राजधानी में नींद भी है एक सपना

नोट: लेख मूलतः नवभारत टाइम्स के लिए लिखा गया है और  14 नवम्बर 2015 के सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हो चुका है. दिल्ली में जिन…
Maggie Point

अब उन पहाड़ी मैगी पॉइंट्स का क्या होगा ?

डियर मैगी, कल जब किराने की दूकान में गया तो जाते ही कहा…आंटी मैगी..ये कहते ही मुझको रुकना पड़ा..न चाहते हुए भी.. तुम वहीं शेल्फ…

क्यों वीरान हो गई पहाड़ की बाखलियां

पिछले कुछ सालों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में जिन क्षेत्रों का बोलबाला रहा उनमें कंस्ट्रक्शन, मैन्यूफैक्चरिंग और जलविद्युत ऊर्जा प्रमुख हैं। बीते दौर में कलकारखानों…

कहीं दराती बीमार तो नहीं कर रही ?

विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने बनाये पहाड़ी खेती के लिये नये उपकरण, उपकरणों में लकड़ी की जगह रबर और, लोहे के प्रयोग पर दिया…

क्या सचमुच सम्भव है ‘नेट न्यूट्रेलिटी’ ?

जनाब आप किस नेट न्यूट्रेलिटी की बात कर रहे हैं ? क्या सचमुच नेट पर न्यूट्रेलिटी या इन्टरनेट तटस्थता जैसी कोई चीज़ सम्भव है ?…

आपकी अदालत में आपके लिये भी तो कोई कठघरा हो

“और ये जो नया काम आपने शुरु किया है ज़रा बताइये कि इसका न्यूज़रुम से क्या सरोकार है ? इस नये काम को क्या कहते…

आख़री सांसें लेती ज़िंदगी की कहानी

Mumbai Diary : 14 (Mumbai Film Festival 2012) पिछले पांच दिनों से मुम्बई के पांच अलग अलग थियेटरों का पीछा किया है। हर थियेटर जैसे…

कभी कभी लगता है लोग अजनबी क्यों होते हैं ?

मुंबई डायरी: १ (जून 2011) कुछ दिन पहले हिन्दी की जानी मानी वैबसाईट मोहल्लालाईव के सम्पादक अविनाश जी ने फेसबुक पे पिंग किया। न हैलो।…

कितना जायज़ है मौत का मज़ाक

इस बीच फेसबुक पर दो मसलों को लेकर प्रतिक्रियाओं का अनवरत दौर जारी है। बाला साहब ठाकरे का देहावसान और अजमल कसाब को गुपचुप दी…

जिन्दगी की कोचिंग क्लास हैं स्टीव जौब्स की बातें

स्टीव जौब्स का व्यकितत्व मुझे जिन्दगी की कोचिंग क्लास की तरह लगता है। उनके बारे में पढ़ते चले जाना जि़न्दगी को सीखते चले जाने की…

अफवाहें गढ़ती वर्चुअल दुनिया

फेसबुक जैसी नेटवर्किंग सार्इट पर फैली अफवाह ने बैंग्लौर से लगभग 3 हज़ार उत्तर भारतीय लोगों को अपने अपने घरों की ओर जाने को मजबूर…

उधारी की मौज और परेशानियों की नकदी

मुम्बर्इ में नया नया आया था तो टीवी के एक लेखक से मिलने गया। लोखंडवाला की पौश कौलानी में टूबीएचके लेकर अकेले रहते थे। मतलब…

जीविका से जुड़ी आम आदमी की फिल्में

वृत्त्चित्रों को लेकर भारत में अपेक्षाकृत ठीक ठाक काम होता है लेकिन उनके प्रदर्शन को लेकर उतने प्रयास नहीं दिखाई देते। शहरी इलाकों में कभी…

जनस्वास्थ्य पर भारी पड़ता कौमनवैल्थ

हैल्थ इज वैल्थ। इस जुमले का भरपूर प्रयोग आप हम अपने जीवन में भले ही कई बार करते हैं किन्तु स्वास्थ्य सम्बन्धी नीतियों के मामले…

इनक्रोचमेंट, डिमोल्यूशन एंड डिस्प्लेसमेंट

सुबह सुबह नौएडा मोड़ से गुजरते हुए सड़क के किनारे देखा तो वहां मां दुर्गा की वो मूर्ति नहीं थी, ना ही नटराज की। वहां…

एक दोस्त का प्रोफेश्नल हो जाना

कई बार अपने आसपास लोगों को निहायत प्रोफेश्नल होता देख डर लगता है। समझ नहीं आता कि क्या ज्यादा जरुरी है। इन्सानी भावनाओं को जिन्दा…

कुरुसावा के सपने

कई बार हम सपने देखते हैं और जब जागते हैं तो सोचते हैं जो हमने देखा उसका अर्थ आंखिर था क्या। पर अक्सर ज्यादातर सपनों…

एक बेजुबान आक्रोश

सारे आक्रोष महज एक दुर्घटना बनकर समाप्त हो जाते हैं। ये आक्रोश भी कुछ ऐसा ही था। गोविन्द निहिलानी की इस फिल्म को देखकर ताजा…

पंचेश्वर- टूटती उम्मीदों का बांध

पंचेश्वर बांध इन दिनों उत्तराखंड में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और संभावित डूब क्षेत्र के इलाकों में ये बांध प्रतिरोध को भी जन्म…

जलवायु परिवर्तन के लिए असल में किया क्या जा रहा है

Climate change यानी जलवायु परिवर्तन के मुददे पर बहुत कुछ लिखा जा रहा है आजकल। बहुत सी बहसें, बहुत से जुलूस, बहुत से कोंन्फ्रेस, सेमीनार,…
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