नंदी हिल्स : बैंगलुरू के पास घूमने की अच्छी जगह

(Last Updated On: November 24, 2022)

नंदी हिल्स (Nandi Hills) दक्षिण भारत के बैंगलुरु  के पास एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है (Place to visit Near Bengaluru)। अगर आप ऐसी जगहों की यात्रा में रुचि रखते हों जो ऐतिहासिक महत्व की होने के साथ प्राकृतिक खूबसूरती से भी सराबोर हों तो आपको दक्षिण भारत में स्थित नंदी हिल्स की यात्रा जरूर करनी चाहिए।

नंदी हिल्स कहाँ है

कर्नाटक के चिकबल्लापुर नाम की जगह के पास बसा, दक्षिण भारत की दक्षिणी पेन्नर, उत्तरी पेन्नर, पोन्नियार, पापाग्नि, अर्कावती और चित्रावती जैसी नदियों का यह उद्गम स्थल दक्षिण के सबसे मशहूर पर्वतीय स्थलों में से एक है।

बैंगलुरू से साठ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद नंदी हिल्स दरअसल एक पर्वत श्रिंखला है जो नंदीगिरि, ब्रह्मगिरि, चन्नागिरि, स्कंदगिरि और हेमागिरि नाम के पर्वतों से मिलकर बनी है।

टीपू सुलतान का क़िला

(Tipu Sultan fort)

Nandi Hills place to visit near Bengaluru
View from Nandi Hills

कर्नाटक के चिकबल्लापुर नाम की जगह के पास बसा यह पर्वतीय इलाका टीपू सुलतान के किले के लिए अपनी ख़ास पहचान रखता है। क़रीब साढ़े चार हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर बसे इस क़िले के बारे में कहा जाता है कि इसकी दीवार चिकबल्लापुर ने बनाई और बाद में टीपू सुल्तान ने इसका जीर्णोद्धार किया।

कुछ समय तक यह क़िला मराठाओं के शासन में भी रहा। क़िले के दक्षिण पश्चिमी छोर पर बनी चोटी पर्यटकों के बीच ‘टीपूज़ ड्रॉप’के नाम से मशहूर है। कहा जाता है कि यहाँ से धकेलकर मृत्युदंड पाने वाले क़ैदियों को यहीं से खाई में फेंक दिया जाता था। मुख्य द्वार से आगे जंगलों के बीच बनी खूबसूरत पगडंडियों के ज़रिए आप नंदी हिल्स तक का खूबसूरत सफ़र पैदल तय करते हैं।

रास्ते में क़िले की दीवारों से आस-पास के सुंदर नज़ारे देखे जा सकते हैं। धातु के बने ट्रीहाउस भी ट्रेकिंग के दौरान आप देख सकते हैं। सूर्योदय के समय कुहासे की चादर ओढ़े इसके शीर्ष से इतने मनमोहक नज़ारे दिखते हैं कि कई बार आपको बादलों के ऊपर होने का अहसास होने लगता है।

 

योगनंदीश्वर और  भोगनंदीश्वर मंदिर 

Yog Nadishware temple near Nandi Hills

Yog Nadishware temple near Nandi Hills

 

नंदी हिल्स में दो मंदिर बने हैं। इनमें से एक योगनंदीश्वर मंदिर चोल शैली में बना है। मंदिर के मुख्य द्वार पर पीतल की नक़्क़ाशी की गई है और द्वार के दोनों ओर द्वारपालक की आकर्षक मूर्तियाँ बनी हैं। कहा जाता है कि ये मूर्तियाँ विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय ने उपहारस्वरूप भेंट की थी। पास ही बनी चट्टान पर नंदी की पत्थर की बनी मूर्ति भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करती है।  

स्थानीय नंदी गाँव के पास ही भोगनंदीश्वर नाम का एक दूसरा मंदिर भी है। द्रविड़ शैली में बने इस मंदिर की इमारत दसवीं शताब्दी में बनी बताई जाती है, जिसे चोल, होयशाला और विजयनगर साम्राज्य के दौरान विस्तार दिया गया। मंदिर परिसर में दो अलग-अलग गर्भग्रह बनाए गए हैं जिनका स्थापत्य बेहद खूबसूरत है। यह कर्नाटक के सबसे पुराने मंदिरों में गिना जाता है जिसे भारतीय पुरातत्व विभाग निगरानी में संरक्षित किया गया है।

 

नंदी हिल्स का टीपू सुलतान लॉज 

(Tipu Sultan Lodge)

Tipu Sultan lodge

 

नंदी दुर्ग के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही दाईं ओर एक दुमंज़िली इमारत के अवशेष दिखाई देते हैं। यह इमारत कभी टीपू सुल्तान के विश्राम ग्रह के तौर पर बनाई गई थी। कहा जाता है कि इस पर्वतीय इलाक़े की ख़ूबसूरती को देखते हुए टीपू सुल्तान ख़ासकर गर्मियों में यहाँ आना पसंद करते थे।

हालांकि उचित संरक्षण के अभाव में इमारत के कई अंश अब पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस लॉज के पास ही एक सरोवर भी बना है जिसे अमृतसरोवर कहा जाता है। हरे भरे पेड़ों से घिरा यह बावड़ी नुमा तालाब इलाके की ख़ूबसूरती में इज़ाफ़ा करता है। तालाब में तैरती हुई मछलियों की कई प्रजातियों को भी आप निहार सकते हैं। हालांकि यहाँ आपको बंदरों से सावधान रहने की हिदायत भी दी जाती है।

 

देवनहल्ली का क़िला 

नंदी हिल्स आएँ तो आप देवनहल्ली के क़िले की यात्रा भी कर सकते हैं। इसी इलाके में टीपू सुल्तान का जन्म स्थल भी है। सोलहवीं शताब्दी में बने और क़रीब बीस एकड़ में फैले इस क़िले की चौहद्दी पर कई गन पॉईंट बनाए गए हैं। इस क़िले पर कई बार मराठाओं ने चढ़ाई की और इसे जीता भी। बाद में यह हैदर अली और टीपू सुल्तान के क़ब्ज़े में आ गया। ब्रिटिश दौर में इस पर बर्तानिया हुकूमत का शासन रहा। अपने ऐतिहासिक महत्व के कारण यह आज भी पर्यटकों को अपनी ओर लुभाता है। 

नंदी हिल्स कैसे पहुँचें   

(How to reach Nandi Hills) 

Amrut Sarovar

 

नंदी हिल्स बैंगलुरू के पास केंपेगोडा हवाईअड्डे से सिर्फ़ पैंतीस किलोमीटर की दूरी पर है। आप टैक्सी लेकर यहाँ आ सकते हैं। बैंगलुरू से नंदी हिल्स के प्रवेश बिंदु तक बस से भी आया जा सकता है। यहाँ से क़रीब डेढ़ किलोमीटर का ट्रैक करके नंदी हिल्स के शीर्ष स्थल तक पहुँच सकते हैं। चिकबल्लापुर रेलवे स्टेशन तक आप ट्रेन से भी आ सकते हैं।

 

नंदी हिल्स कब जाएँ 

(Best time to visit Nandi Hills)

नंदी हिल्स आप किसी भी मौसम में जा सकते हैं। लेकिन यहाँ ख़ासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त आना बेहतर विकल्प है क्योंकि इस वक्त आप आस-पास की वादियों के अविस्मरणीय नज़ारे देख पाएँगे। सप्ताहांत में यहाँ बेहद भीड़ रहती है और कई बार पर्यटक अधिक होने के कारण प्रवेश निषेध तक करना पड़ता है इसलिए किसी वीक डे में यहाँ आने की योजना बनाना बेहतर है। 

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