पत्थर नहीं लगवाया तो प्रसाद नहीं दिया

(यह लेख गाँव कनेक्शन  के  44वें अंक में प्रकाशित हो चुका है.) अयोध्या के बारे में अब तक अर्जित मेरी सारी जानकारियों के स्रोत किताबी रहे हैं। स्कूल के पाठ्यक्रम में … Read More

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अनजान शहर में पहचान की तलाश

मुम्बई के अंधेरी स्टेशन के भीतर उस ओवरब्रिज पर भागती भीड़ का न कोई सर पैर है, न कोई ओर छोर। अजनबी अनजान चेहरों में पहचान तलाशने की तमाम कोशिशें … Read More

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आस्था के लिए जीता एक नगर: त्रयम्बकेश्वर

इस बार त्रयम्बकेष्वर जाना हुआ। लगा कि भक्ति और आस्था ये ऐसे शब्द हैं जिनका कटटरवाद से कोई लेना देना नहीं है। महाराष्ट में नासिक के पास एक छोटा सा … Read More

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भीड़ भरी बस और वो

दिल्ली की भीड़ भरी बसों में रोज कई वाकये होते हैं। मसलन मोबाईल या पर्स चोरी हो जाना। पर इन वाकयों को अंजाम देने वाले लोग ये काम चोरी छिपे … Read More

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शराब से पीड़ित पहाड़ का दर्द

मौजूदा समय में पूरे उत्तराखंड में जिस तरह से आन्दोलनों ने जोर पकड़ा है उसे देख यही लगता है कि खंडूरी सरकार से आम आदमी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। … Read More

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आर्तनादः पांच दिन पिचहत्तर किलोमीटर

गंगोलीहाट में अभिलाषा एक प्रयास नाम से छात्रों का एक अनौपचारिक संगठन है जिसे रोहित भाई के साथ कुछ सालों पहले हम लोगों ने क्षेत्र के कुछ युवा साथियों की … Read More

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क्यों खास है दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर

अक्षरधाम मंदिर दिल्ली ( Akshardham Temple Delhi) की उन जगहों में से एक है जो घूमने के लिहाज़ से बेहद खूबसूरत है। ‘अक्षर’ यानी कभी नष्ट न होने वाला। अपने … Read More

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