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मोहन राकेश की कन्याकुमारी यात्रा का वृत्तांत : 100वीं जयंती पर विशेष
मशहूर कथाकार और यात्रा वृत्तांत लेखक मोहन राकेश की आज सौवीं जयंती है। ‘बंद अंधेरे कमरे’, ‘आधे अधूरे’ जैसे नाटक, ‘आषाढ़ का एक दिन’ जैसा उपन्यास’ और ‘आख़री चट्टान तक’ जैसा यात्रा वृत्तांत और शानदार कहानियाँ रचने वाले मोहन राकेश हिंदी साहित्य का एक बड़ा नाम हैं। इस मौके पर उनकी किताब ‘आँखरी चट्टान तक’…

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कच्छ कथा बयां करती है गुजरात की धरती पर हिंदू मुस्लिम एकता के अनूठे क़िस्से
गुजरात के कच्छ (Rann of Kutch Gujarat) पर कम किताबें लिखी गई हैं। अभिषेक श्रीवास्तव की ‘कच्छ कथा ‘ उन चुनिंदा किताबों में शुमार है जो इस इलाके की अनकही कहानियों को सामने लाती है। पेश है इस एथ्नोग्राफिक यात्रा आख्यान पर मंजीत ठाकुर की लिखी समीक्षा। किताबः कच्छ कथा लेखकः अभिषेक श्रीवास्तव प्रकाशनः राजकमल प्रकाशन मूल्यः…

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कीड़ाजड़ी खोदने वालों की जड़ों को तलाशती क़िताब
अनिल यादव की हालिया प्रकाशित किताब कीड़ाजड़ी (Keeda Jadi By Anil Yadav) कल दिन में ही पहुँची अभी-अभी पढ़कर ख़त्म की। अमेजोन की तकनीकी ख़ामियों के चलते चिरप्रतीक्षित की श्रेणी में बस जाते-जाते बची। अच्छी किताब की ख़ास बात यही है कि एक बार शुरू करके आप ख़त्म करने का लोभसंवरण नहीं कर पाते। इसलिए किताब…

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तिब्बत के कई पहलुओं पर बात करती ‘तुम्हारा नाम क्या है तिब्बत’
ट्रैवल बुक रिव्यू : तुम्हारा नाम क्या है तिब्बत, चंद्रभूषण ( अंतिका प्रकाशन) समीक्षक : गीता श्री [dropcap]प[/dropcap]त्रकार चंद्रभूषण जी की यात्रा पुस्तक “ तुम्हारा नाम क्या है तिब्बत “ ( अंतिका प्रकाशन) मंगा ली . तिब्बत नाम मुझे खींच रहा था. आख़िर एक पत्रकार दूसरे पत्रकार का लिखा कैसे न पढ़ें वो भी उस…

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मीना झा की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के वृत्तांत
ट्रैवल बुक : कैदी, क्रिकेट और कंगारुओं के स्वर्णिम देश में, मीना झा (अंतिका प्रकाशन) पाठकीय नोट्स : गीता श्री “आपने हज़ारों खूबसूरत सूर्योदय और सूर्यास्त , सैंकड़ों आकर्षक इंद्रधनुष, मनमोहक पेड़ -पौधे , सुंदर नीला आकाश और पास से गुजरते लोगों की मुस्कानें नहीं देखीं तो जीवन को उसकी संपूर्ण सुंदरता में अनुभव नहीं…

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नया यात्रा वृत्तांत- नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड
प्रवीण झा नॉर्वे (यूरोप) में रहते हैं. हिन्दी लेखन में लगातार सक्रिय हैं. पेशे से डॉक्टर हैं और मन से यायावर. संगीत से जुड़े विषयों में उनकी खास रुचि रहती है. हाल ही में किंडल पर उन्होंने ‘नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड’ नाम से एक रोचक यात्रा वृत्तांत लिखा है. इससे पहले एक यात्रा-संस्मरण- ‘भूतों के…

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जर्मनी पर मनोहर श्याम जोशी की उड़ती नजर
मनोहर श्याम जोशी हिंदी में एक अलग तरह की क़िस्सागोई के लिए जाने जाते हैं। ख़ास चुटीला अन्दाज़ और उसमें व्यंग्य का अनूठा तड़का, आप एक बार पढ़ना शुरू करें तो फिर बीच में नहीं छोड़ सकते। आज ‘यात्राकार‘ पर पेश है क्याप, कसप, हरिया हरक्यूलिस की हैरानी जैसी मज़ेदार रचनाएं लिखने वाले जोशी जी के यात्रावृत्तांत ‘पश्चिमी जर्मनी पर…

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घुमक्कड़ी, घुमक्कड़ों की नज़र से
दुनिया के मशहूर घुमक्कड़, घुमक्कड़ी की अहमियत बताते हुए बहुत कुछ कह गए हैं. पेश हैं उन्हीं में से कुछ ख़ास बातें जिनसे तमाम घुमक्कड़ इत्तफ़ाक़ रखेंगे. “यात्रा करना पूर्वाग्रह, कट्टरता और बंद दिमागी के लिए जानलेवा है, और इसिलिये हमारे कई लोगों को इसकी सख्त ज़रुरत है. लोगों और चीज़ों के बारे में खुले…

