सफ़र जारी रखें

7 Comments

  1. यह एक ऐसा हादसा है उमेश, जिससे हम तुम रोज़ किसी न किसी रूप में आमना-सामना करते हैं और चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते. ऐसे में हमारी यह अपंगता ही इन घटनाओं के बढ़ने का कारण है कि हम विरोध नहीं करते. हम बस डरते हैं, कि कहीं उस जैसे बाहुबली के हाथ से दो चार न पड़ जाएँ. लेकिन भूल जातें हैं कि भैया उसका अगला शिकार हम भी हो सकते हैं! और तब हम ज़रूर चाहेंगे कि सब हमारा साथ दें, उसे सबक सिखाने में…
    और दोस्त जहाँ तक पुलिस का सवाल है, तो कुछ मत कहो… चुप रहो. कहीं उस बाहुबली ने तुम्हारी शिकायत कर दी, तो तुम्हारा एनकाउंटर तक हो सकता है और तुम्हारे जुर्म के सबूत वहां पहले से कई फाइलों में अडवांस में पड़े होंगे… ये कॉम हमारी मदद के लिए कम, हमसे मदद लेने में ज्यादा सक्षम है. इसका ब्रितानी इतिहास कभी इसे आम आदमी तक पहुचने नहीं देगा… तुम मीडिया से जुड़े हो, तब तुम इनका कुछ नहीं सुधार सकते, आम आदमी कि फरियाद कौन सुनता है… और जब तक ये साला आम आदमी नपुंसक बना रहेगा, तब तक बस चुप रहो और सहते रहो…
    और मन करे तो ऐसे लेख लिखते रहो, पीडा कम हो जाएगी.

  2. यह एक ऐसा हादसा है उमेश, जिससे हम तुम रोज़ किसी न किसी रूप में आमना-सामना करते हैं और चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते. ऐसे में हमारी यह अपंगता ही इन घटनाओं के बढ़ने का कारण है कि हम विरोध नहीं करते. हम बस डरते हैं, कि कहीं उस जैसे बाहुबली के हाथ से दो चार न पड़ जाएँ. लेकिन भूल जातें हैं कि भैया उसका अगला शिकार हम भी हो सकते हैं! और तब हम ज़रूर चाहेंगे कि सब हमारा साथ दें, उसे सबक सिखाने में…
    और दोस्त जहाँ तक पुलिस का सवाल है, तो कुछ मत कहो… चुप रहो. कहीं उस बाहुबली ने तुम्हारी शिकायत कर दी, तो तुम्हारा एनकाउंटर तक हो सकता है और तुम्हारे जुर्म के सबूत वहां पहले से कई फाइलों में अडवांस में पड़े होंगे… ये कॉम हमारी मदद के लिए कम, हमसे मदद लेने में ज्यादा सक्षम है. इसका ब्रितानी इतिहास कभी इसे आम आदमी तक पहुचने नहीं देगा… तुम मीडिया से जुड़े हो, तब तुम इनका कुछ नहीं सुधार सकते, आम आदमी कि फरियाद कौन सुनता है… और जब तक ये साला आम आदमी नपुंसक बना रहेगा, तब तक बस चुप रहो और सहते रहो…
    और मन करे तो ऐसे लेख लिखते रहो, पीडा कम हो जाएगी.

  3. अचरज होता है कि ऐसी घटनायें हो रही हैं.

    आम आदमी तो मुसीबत को दूर से सलाम करता चलता है जब तक खुद पर न पड़े.

  4. भैये अगर आम आदमी को ही यह सब करना है तो इन पुलिस वालों की जरुरत ही क्या है पुलिस अपना मुख्य काम छोड़कर पैसे उगाहने में लगी है, यह तो सार्वभौम सत्य है कि अगर पुलिस ईमानदारी से कार्य करने लगी तो भारत किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा, रहने के लिये इससे बेहतर कोई और जगह नहीं होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *