नज़ारे, नागालैंड की ख़ूबसूरत ज़ूको वैली के

Dzoukou valley Nagaland : नागालैंड देश के उन राज्यों में से हैं, जिसके बारे में लोग आज भी कम जानते हैं. इस राज्य में क़रीब 17 जनजातियां रहती हैं जिनकी संस्कृति एकदम अनूठी है. यहां कई ऐसे ठिकाने हैं जहां खूबसूरती बाहें पसार कर आपका इंतज़ार करती है. इन्हीं में से एक है ज़ूको वैली (Dzoukou valley Nagaland).

Dzoukou valley कहाँ है 

नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर मौजूद ज़ूको वैली को पूर्वोत्तर भारत की वैली ऑफ़ फ़्लावर भी कहा जाता है.

नागालैंड की राजधानी कोहिमा से क़रीब एक घंटे बाद आप ज़ख़ामा पहुँचते हैं, जहां से ज़ूको वैली के लिए ट्रेकिंग शुरू होती है.

आपकी चाल के मुताबिक वैली तक पहुँचने में क़रीब 3 से 5 घंटे का समय लगता है. आइए देखते हैं कैसी दिखती है नागालैंड की ये ख़ूबसूरत घाटी. 

Dzoukou valley कैसे जाएं 

जूको वैली नागालैंड और मणिपुर की सीमा में है। आप फ्लाइट से गुवाहाटी जा सकते हैं जहां से ट्रेन लेकर आपको कोहिमा आना होगा। कोहिमा से लोकल टैक्सी लेकर आप ट्रैकिंग के शुरुआती बिन्दु जखामा तक आ सकते हैं। आप चाहें तो माओ की तरफ से भी ट्रैकिंग कर शुरू कर सकते हैं।

Dzoukou valley में कहाँ रहें 

जूको वैली में रहने का बहुत बेसिक इंतज़ाम है। आप चाहें तो वहाँ मौजूद हॉल में रात बिता सकते हैं। वहीं आपको कंबल और स्लीपिंग बैग किराये पर मिल जाता है। हालांकि सर्दियों के वक्त बहुत ठंड रहती है इसलिए गर्मी के पूरे इंतज़ाम के साथ जाएं। आप चाहें तो वहाँ कैम्पिंग भी कर सकते हैं। 

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उमेश पंत

उमेश पंत यात्राकार के संस्थापक-सम्पादक हैं। यात्रा वृत्तांत 'इनरलाइन पास' और 'दूर दुर्गम दुरुस्त' के लेखक हैं। रेडियो के लिए कई कहानियां लिख चुके हैं। पत्रकार भी रहे हैं। और घुमक्कड़ी उनकी रगों में बसती है।

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