दिल्ली डायरी 21 सितंबर 2023 दिल्ली के एक उमस भरे दिन आस्था को ऑक्सफ़ोर्ड बुकस्टोर से एक ईमेल आया। यह ईमेल चेक गणराज्य के दूतावास में एक कार्यक्रम के बाबत था – लॉंग नाइट ऑफ लिटरेचर (Long night of literature) कार्यक्रम के इस नाम ने आकर्षित किया, इस बात ने और ज़्यादा कि यहाँ भारतीय…
ये असम्भव सा काम आज बस होने ही वाला था। जिस काम के लिये पिछले हफते भर से तरह तरह के जुगाड़ काम ना आये उस काम को आज मैं घर बैठे कर ही लेने वाला था। उम्मीद पूरी थी। बावजूद इसके कि पुराने अनुभव इस पूरी उम्मीद का समर्थन करने वाले तो कतई नहीं…
ये वाकया दिल्ली की संवेदनहीनता को बयान करता ह। ये बताता है कि दिल्ली के दिलवाले लोगों के बीच इस सड़कछाप वर्ग की देखरेख करने वाला कोई भी नहीं है। आज सुबह नौ बजे के करीब किसी काम से गुरुद्वारा बंग्ला साहिब के पास जाना हुआ तो वहां फुटपाथ पर लगभग बारह साल यह का…