सफ़र जारी रखें

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  1. शायद यही इन्सानियत होती है। आपने जितना किया वह सराहनीय है।घुघूती बासूती

  2. ये बहुत ही दुखद है, ईश्वर इस बच्चे की आत्मा को शान्ति दे “” पास ही खडे ट्रैफ़िक कर्मचारी को पता थ कि वो कई दिनों से वहा बिमारी की हालत मे पडा था””अत्यंत दुखःद पहलू उसने भी कोई कोशीश नही की ,वह तो एक “जिम्मेदार व्यक्ति” होगा ।

  3. बहुत ही दुखद घटना है पर अब यहां कोई जावबदेह नहीं होगा । सरकार कहेगी की हम तरक्की कर रहे हैं पर इन जैसे लोगों का क्या ?

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