तो ऐसी है वैली ऑफ़ फ़्लावर्स की दुनिया

उत्तराखंड में यूं तो ट्रेकिंग के कई ठिकाने हैं, लेकिन एक जगह जहां आपको अपनी ज़िंदगी में एक बार ज़रूर जाना चाहिए वो है-वैली ऑफ़ फ़्लावर्स. उत्तराखंड के चमोली ज़िले में लगभग 12 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर ये जगह ट्रेकिंग में रुचि रखने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है.  जुलाई से अगस्त के बीच में यहां तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों की छटा देखने को मिलती है. हरी-भरी इस घाटी से बर्फ़ीले ग्लेशियर भी देखे जा सकते हैं. 

कैसे पहुंचें :  

  • ऋषिकेश से क़रीब 300 किलोमीटर दूर गोविंदघाट गाड़ी से पहुंचा जा सकता है.
  • गोविंदघाट से घंघरिया नाम की जगह तक क़रीब 14 किलोमीटर की ट्रेकिंग.
  • घंघरिया से क़रीब 5 किलोमीटर की ट्रेकिंग करके वैली ऑफ़ फ़्लावर्स पहुंचा जा सकता है.
  • घंघरिया से सिखों का पवित्र तीर्थ स्थान हेम कुंड साहब भी क़रीब इतनी ही दूर है.

देखिए यात्राकार का ये वीडियो और जान जाइए आख़िर कैसी है वैली ऑफ़ फ़्लावर्स की ये दुनिया.

 

 

 

उमेश पंत

उमेश पंत यात्राकार के संस्थापक-सम्पादक हैं। यात्रा वृत्तांत 'इनरलाइन पास' और 'दूर दुर्गम दुरुस्त' के लेखक हैं। रेडियो के लिए कई कहानियां लिख चुके हैं। पत्रकार भी रहे हैं। और घुमक्कड़ी उनकी रगों में बसती है।

1 Comment

  • आपकी किताब inner line pass में अपनी कहानी पढ़ी, अपनी इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि बचपन से न जाने कितनी बार देखा सपना, आपकी किताब पढ़ते हुए हर बार जिया है । ऐसे ही ढूंढते ढूंढते आपकी वेबसाइट तक पहुंच गया, ओर आपके travelogue पढ़कर काफी अच्छा लगा। पहाड़ो से बचपन से प्यार है, ओर अब इस प्यार की एक वजह एक पहाड़न भी है। वैसे मैं दिल्ली के पास एक बड़े से गांव घिटोरा से हूँ, पर आजकल असम के कार्बी अंगोंग में केंद्रीय विद्यालय में अपना बचपन जी रहा हूँ, आशा करता हूँ दिल्ली आने पर एकदिन जरूर मुलाकात होगी।

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