Famous landmarks of ancient Rome

रोम के कोलोज़ियम और ट्रैवी फ़ाउंटेन के साथ वेटिकन का सफ़र

When in Rome, do as romans do. सेंट ऑगस्टीन की कही इस बात को मानते हुए, अपनी यूरोप यात्रा के आखरी पड़ाव पर, हम आ गए थे यूरोप के सबसे पुराने शहरों में से एक रोम में. 

कैटल मार्केट और बोएरियम

सुबह-सुबह हम अपने होटल से निकले और चल पड़े रोम की गलियों में. बस की खिड़की के बाहर कैटल मार्केट के आस-पास का इलाक़ा था. 

सामने नज़र आ रहा था बोएरियम. सेकंड सेंचुरी बीसी का यह बेहद पुराना स्ट्रक्चर, हरक्यूलस विक्टर के सम्मान में बना था. हरक्यूलस ने रोम में कॉमर्स और लाइवस्टॉक मूवमेंट की शुरुआत की थी.

फ़ोटो : उमेश पंत

 


कोजोज़ियम

यहां से हम आ गए रोम के मशहूर कोलोजियम में जो बड़ा ही पुराना एम्फ़िथिएटर है. जो मशहूर है अपनी ग्लेडिएटर फ़ाइट्स के लिए. ग्लेडिएटर हथियारबंद लड़ाके थे जिन्हें बाक़ायदा लड़ने की ट्रेनिंग मिलती थी. इस लड़ाई में हारने का अंजाम था मौत और लड़ाई का एक ही मकसद था – दर्शकों का मनोरंजन.

फ़ोटो : उमेश पंत

यह दुनिया का सबसे बड़ा एम्फ़िथिएटर था जहां 50 से 80 हज़ार तक दर्शक बैठ सकते थे.

फ़ोटो : उमेश पंत

रोम की इस शताब्दियों पुरानी विरासत में कुछ देर बिताकर हम आगे बढ़ गए.

ऑल्टर ऑफ़ फ़ादरलैंड

अब हम गुज़र रहे थे ऑल्टर ऑफ़ फ़ादरलैंड नाम की इमारत के सामने से. इस इमारत को रोम के पहले राजा एमैनयुअल 2 की याद में उनके बेटे ने बनाया था. 

फ़ोटो : उमेश पंत

ट्रेवी फ़ाउंटेन

अब हम बढ़ रहे थे फ़ेमस ट्रेवी फ़ाउंटेन की तरफ. रास्ते में पलाज़ो वेनीजिया नेशनल म्यूज़ियम और लटेरेन पैलेस बिसलिका ऑफ़ सेंट जॉन को हमने क्रॉस किया. 

फ़ोटो : उमेश पंत

और हम आ गए इस मशहूर फव्वारे ट्रेवी फ़ाउंटेन के पास. इस फ़ाउंटेन के बारे में कहा जाता है कि अगर आपने यहां एक सिक्का उछलकर डाला तो आप रोम दुबारा ज़रूर आएँगे. दो सिक्के फेंके तो आपको रोमन पार्टनर भी मिल सकता है.  

फ़ोटो : उमेश पंत

रोम की इस बेहद पॉप्युलर जगह पर आकर लोग जिलेटो का स्वाद लेना नहीं भूलते. अगर आप वाइन शौक़ीन हों तो यहां के स्टोर्स से खरीदारी करना बिल्कुल न भूलें.


दुनिया का सबसे छोटा देश : वेटिकन

इस फ़ाउंटेन के बाद हम आ गए दुनिया के सबसे छोटे देश में. वेटिकन नाम की जगह अपने में एक पूरा देश है जहां पोप का शासन चलता है. ये जगह इसाई धर्म को मानने वालों के लिए सबसे अहम जगहों में से एक है. 

फ़ोटो : उमेश पंत

यहां सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टीन चैपल और वेटिकन म्यूज़ियम जैसी मशहूर साइट्स हैं जिन्हें देखने दुनिया भर से लोग आते हैं.

फ़ोटो : उमेश पंत

हम जब यहां पहुंचे तो बारिश बस होने ही वाली थी. सेंट पीटर स्क्वायर पर खड़े होकर एकदम काले आसमान के सामने बेसिलिका की इमारत बेहद शानदार लग रही थी. इसका यह ख़ूबसूरत डोम रेनेसा पीरियड के मशहूर मूर्तिकार माइकेलएंजिलो ने बनाया है.

फ़ोटो : उमेश पंत

रोम में बीता यह दिन यूरोप यात्रा का भी आखरी दिन था. इस यात्रा में यूरोप की एक शानदार झलक तो देखने को मिल ही गयी थी. हांलांकि देखने को अभी जाने कितना कुछ बचा रह गया था और बची रह गई थी अगली बार फिर आने की उम्मीद भी.


देखें रोम और वेटिकन पर बनाया मेरा यह व्लॉग

उमेश पंत

उमेश पंत यात्राकार के संस्थापक-सम्पादक हैं। यात्रा वृत्तांत 'इनरलाइन पास' और 'दूर दुर्गम दुरुस्त' के लेखक हैं। रेडियो के लिए कई कहानियां लिख चुके हैं। पत्रकार भी रहे हैं। और घुमक्कड़ी उनकी रगों में बसती है।

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