सफ़र जारी रखें

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  1. आप लोग तो उत्तराखण्ड से हैं इसलिए दिल्ली से वापस आ जायेंं, सच्ची आपको सुकून मिलेगा । केवल घूमने की दृष्टि से पहाड़ जाना पहाड़ के साथ मोहब्बत नहीं पैदा कर पाता । मोहब्बत होगी तो आपको वहाँ बसना अच्छा लगेगा । एक डॉक्टर साहब की उसी गाँव में पोस्टिंग हो गयी जो उनका पैतृक गाँव था । वहाँ उनका घर था, माँ थी …लेकिन वे हरिद्वार या हल्द्वानी ट्रांसफ़र के लिए प्रयास कर रहे थे । मुझे दुःख हुआ । मुन्स्यारी में भी एक डॉक्टर साहब मेडिकल स्टोर में मिल गए, नशे में धुत्त …बस एक ही रट ..कोई मेरा ट्रांसफ़र हल्द्वानी करवा दे तो मुँह माँगी रकम दूँगा । हर कोई पहाड़ से भागना चाहता है । पिथौरागढ़ की एक दुबली-पतली लड़की कु. विनीता मुंस्यारी पी.जी. कॉलेज में भूगोल की असिस्टेण्ट प्रोफ़ेसर हैं, लेकिन वे वहाँ से भागने के लिए नहीं सोचतीं । शायद पहाड़ को ऐसे ही लोगों की ज़रूरत है ।

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