जर्मनी पर मनोहर श्याम जोशी की उड़ती नजर
मनोहर श्याम जोशी हिंदी में एक अलग तरह की क़िस्सागोई के लिए जाने जाते हैं। ख़ास चुटीला अन्दाज़ और उसमें व्यंग्य का अनूठा तड़का, आप एक बार पढ़ना शुरू करें तो फिर बीच में नहीं छोड़ सकते। आज ‘यात्राकार‘ पर पेश है क्याप, कसप, हरिया हरक्यूलिस की हैरानी जैसी मज़ेदार रचनाएं लिखने वाले जोशी जी के यात्रावृत्तांत ‘पश्चिमी जर्मनी पर…
![]()
