कहानी उस ‘देस’ की जहाँ समय स्थिर है और आदमी खर्च हो रहा है

अविनाश मिश्र : भाषा को बहुत सावधानी और ख़ूबसूरती से बरतने वाले समकालीन युवा लेख़कों में अविनाश मिश्र एक जाना-पहचाना

Read more

चलते-चलते दिमाग भी एक यात्रा पर निकल पड़ता है

श्रीश के पाठक : समीक्षा : इनरलाइन पास  यात्रा वृत्तांत  हिंदयुग्म प्रकाशन बड़ी मुश्किल से हम गर्भ के कोकून से

Read more

निर्मल वर्मा की प्रयाग यात्रा

निर्मल वर्मा : प्रयाग : 1976 मुँह अँधेरे सीटी सुनाई देती है-घनी नींद में सुराख बनाती हुई-एक क्षण पता नहीं

Read more

सोलांग वैली : बर्फ से बाबस्ता वो ढाई घंटे

उमेश पंत :   ये एक आम ट्रिप होने जा रहा था. हम पहली रात कुल्लू (हिमांचल प्रदेश) में एक

Read more

अमेरिका नाम तो सुना होगा ! (पार्ट-2)

अमेरिका में मेरी पहली सुबह बारिश की फुहारें लेकर आयी सुबह होते ही जिन्दगी का सबसे कठिन सवाल मेरे सामने

Read more

अमेरिका, नाम तो सुना होगा !

मुकुल श्रीवास्तव :   अमेरिका नाम तो आपने जरूर सुना होगा और हर भारतीय की तरह वहां जाने की इच्छा

Read more