छोटी कहानियां

टाकिंग टम्स वो दोनों टाकिंग टम्स में नहीं थे। फेसबुक, जीटाक, स्काईप, बीबीएम सारे दरवाजे बंद थे। उसे लगा आज सचमुच खिड़कियों से हवा नहीं…

ये साली…. अच्छी थी

इन्टयूशन था कि साली अच्छी होगी। कई इन्टयूशन सच निकलते हैं। इस बार यही हुआ। ये साली जिन्दगी कुलमिलाकर एक अच्छी भली फिल्म थी। इसे…

रेत और रोमान पोलान्सकी

बीते साल की आंखिरी सांसों के इर्द गिर्द महज महीना पुरानी बेरोजगारी की एक हल्की सी बू थी। रिज्यूमे को ईमेल के जरिये किसी किसी…

मुम्बई के बीच से

इन दिनों मुम्बई में हूं। वहां वर्सोवा के समुद्री किनारे से मुम्बई पर कुछ लिखने का मन हुआ। गीली रेत पर अकेले कुछ घंटे चलते…

सिने सफर मुख्तसर -भाग 2

बहसतलब का आज दूसरा दिन था। आज बात होनी थी हिन्दी सिनेमा और बाजार पर। कार्यक्रम के संचालन की बागडोर अविनाश ने खुद कुछ कहने…

सिने सफर मुख्तसर -भाग 2

बहसतलब का आज दूसरा दिन था। आज बात होनी थी हिन्दी सिनेमा और बाजार पर। कार्यक्रम के संचालन की बागडोर अविनाश ने खुद कुछ कहने…

सिने सफर मुख्तसर- भाग 1

मोहल्ला लाईव, जनतंत्र और यात्रा बुक्स द्वारा आयोजित बहसतलब का पहला दिन कुछ सार्थक बहसों के नाम रहा । अविनाश दास ने कार्यक्रम की रुपरेखा…

पावन पत्नियों का कलुषित सच

हाल ही में रितेश शर्मा की एक डाक्यूमेंट्री फिल्म दिल्ली में प्रदर्शित की गई जिसमें देवदासी प्रथा जैसी ऐसी कुरीति पर सवाल उठाये गये जिसपर…

बांधों का विरोध करते फिल्मकार और फिल्में

बड़े बांधों को बनाये जाने को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं हो रही हैं। विश्वभर में कुलमिलाकर 47665 छोटे बड़े बांध हैं जिनमें से सबसे…

लव.. सेक्स.. धोखा. और सच

  लव, सेक्स और धोखा। इन तीनों में से कोई भी शब्द हाईपोथैटिकल और नया नहीं है। तीनों इन्सानी फितरत के हिस्से हैं। और इसी…

भूत के प्रकोप से मुक्ति की सच्ची कहानी

निलिता वचानी एक जानी मानी डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर हैं ये बात कल उनकी फिल्मों के अंश देखते और उन पर उन्हीं की टिप्पणियों को सुनते…

लाशों से कफन बीनने वालों पर बनी फिल्म को नेश्नल अवार्ड

  जामिया के मासकम्यूनिकेशन रिसर्च सेन्टर में साउन्ड के लेक्चरार मतीन अहमद को फिल्म चिल्ड्रन आफ पायर की साउन्ड डिजाईनिंग के लिये इस बार का…

डेज़ आफ हैवन यानि खूबसूरती के पल

डेज़ ऑफ़ हैवन उन कमाल की फिल्मों से एक है जिन्हें आप चाहें तो बस उनकी सिनेमेटोग्रेफी के लिए देख सकते हैं। इस फिल्म को…

मुम्बई मेरी जान

उन लमहों में जब हम मायानगरी को देख रहे थे छलनी होते। हम लाचार हिरन थेजिसे शिकारियों ने घेर लिया थाऔर फुर्ती से भरा होने…

नौला- विलुप्त होना एक पुरानी परम्परा का

नौला। पहाड़ी इलाकों में पेयजल के पारम्परिक स्रोतों का जिक्र करते ही सबसे पहले जहन में यही श्ब्द आता है। दरअसल नौले पहाड़ों में पानी…
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