मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगाता है 22 एकड़ में फैला भारत उपवन, जहां आठ-आठ फीट ऊंची 64 मूर्तियों के ज़रिए भारत के स्वाधीनता सैनानियों, वैज्ञानिकों, विद्वानों तथा विदुषियों की यादें ताज़ा हो जाती हैं। बगीचे में घूमते हुए भारतीयता में पगे होने का गौरवशाली अहसास होने लगता है।
सात रंगों के प्रतीक सात घोड़ों वाला सूर्य रथ और चंद्रमा की सोलह कलाओं के प्रतीक, हिरण, भी हरें भरे बाग-बगीचे के बीच बरबस ध्यान खींच लेते हैं।
अक्षरधाम मंदिर टिकिट प्राइस
(Akshardham Temple ticket Price)
अक्षरधाम मंदिर की प्रदर्शनी और लाइट एंड साउंड शो
(Akshardham Temple sound and light show)
मुफ़्त में इतना सबकुछ देख लेने के बाद अगर आपका मन न भरा हो और आप कुछ पैसे खर्च कर सकते हैं तो आपका सफ़र अभी खत्म नहीं हुआ है। केवल 170 रू. खर्च करके आप अपनी इस यात्रा की स्मिृतयों में और रंग भर सकते हैं।
प्रदर्शनी हाॅल के वातानुकुलित परिसर में आधुनिक तकनीक के ज़रिये पुरानी संस्कृति को नजदीक से देखना अलग अनुभव साबित होता है।
ऐनिमैट्रोनिक्स तकनीक के सहारे कंप्यूटराइज्ड उच्चारण और हावभाव दर्शाते पुतले हों या साउंडडायोरामा के ज़रिये उच्च कोटि के लाइट-साउंड समायोजन से बनी 3-डी स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली फिल्में आदि देखकर लगता है कि यह सच नहीं सपना है।
विश्वास होने ही लगता है कि फिर एक अविश्वसनीय दुनिया नज़र आने लगती है। नाव पर बैठे-बैठे ही 10 हजार साल पुराने दौर में पहुंच जाना।
क्या टाइम-मशीन के बिना भी इसकी कल्पना की जा सकती है? भरोसा हो या न हो यह सम्भव है। दुनिया की सबसे पुरानी यूनीवर्सिटी तक्षशिला, सुश्रुत का प्राचीन अस्पताल ’नागार्जुन’ की प्रयोगशाला और इन सब पर मानव सभ्यता को जीवंत करते 800 पुतलों को देखते हुए महसूस होता है के हम सालों पुरानी उस भारतीय सभ्यता के अंग बन गये हैं।
अक्षरधाम मंदिर में खाने का इंतज़ाम भी है
(What to eat in Akshardham temple)
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अक्षरधाम के पूरे अहाते में घूमते हुए कब घंटो बीत जाते हैं पता ही नहीं चलता। यहां ऐसा शान्त और शाीतल वातावरण है कि मीलों लम्बे परिसर में चलते-चलते भी थकान की शिकन चेहरे पर नहीं दिखती।
लेकिन अगर आपको भूख लग आई हो तो मंदिर के बाहर खाना तलाशने या घर से ढोकर ले जाने की ज़हमत भी नहीं उठानी पड़ती है। यहां आपको हर तरह का खाना मिल जाएगा।
साफ-सुथरे प्रेमवती आहार गृह में 10 रू. से लेकर 300 रू. तक हर किस्म का खाना मिल जाता है। सैंडविच, समौसे बर्गर से लेकर तरह-तरह के व्यंजनों से सजी स्पेशल थाली तक यहां मौजूद है।
पोपकौर्न, कोल्डड्रिंक और आइस्क्रीम जैसी यूथ के मतलब की हल्की-फुल्की चीज़ें भी यहां आसानी से मिल जाती है। आराम से धूप में बैठकर भी खाने का लुत्फ उठाया जा सकता है।
कुछ शॉपिंग हो जाए
(Shopping in Akshardham Temple Delhi)
अपने घर में बने मंदिर के लिये सुन्दर नक्काशी वाला धातु का मंदिर खरीदना हो या दादा-दादी के लिये धार्मिक-किताबें, दोस्तों को खास तरह का पैन गिफ्ट करना हो या रिश्तेदारों को नए साल के ग्रीटिंग भेजने हों, तो जनाब अक्षरधाम हाट आप ही के लिए है।
इस सुंदर शाॅपिंग कॉम्प्लेक्स में युवाओं के लिए तो ऐसेसरीज की भरमार है। चेन, नैकलेस, मोतियों की मालाएं, हैंडबैग जैसे सैकड़ों आइटम रियायती दामों पर इस हाट से खरीदे जा सकते हैं। अब अगर किसी को खास गिफ्ट देने का मूड हो या जाते-जाते अक्षरधाम की यादगार के रूप में कुछ भी खरीदना हो तो इस हाट में आपके ठाट-बाट का पूरा ध्यान रखा जायेगा। चिन्ता न करें।
1. अक्षरधाम मंदिर में एंट्री बिल्कुल फ़्री, प्रदर्शनी और लाइट एंड साउंड शो के लिए देने होते हैं पैसे
2. वाहनों के लिये पार्किग सुविधा है
3. सुरक्षा के लिहाज से मोबाइल, कैमरा, रिकॉर्डर और कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान प्रतिबन्धित
अक्षरधाम मंदिर कब बंद रहता है
सोमवार को छोड़कर किसी भी दिन आप अक्षरधाम घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्षरधाम मंदिर सोमवार को बंद रहता है.
अक्षरधाम मंदिर दिल्ली टाइमिंग
(Akshardham Temple Delhi timing)
अक्षरधाम मंदिर की टाइमिंग का खयाल ज़रूर रखें. यहां आप सुबह 9.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक प्रदर्शनी का आनन्द उठा सकते हैं। लेकिन अक्टूबर से मार्च तक शाम 5 बजे ही प्रदर्शनी हाॅल बंद हो जाता है। यहां जाने से पहले टिकट खरीदना न भूलें।
संगीतमय फव्वारों की लय में झूमने के लिए शाम के ठीक 6 बजकर 45 मिनट पर वहां पहंच जाएं। आहारगृह में खाने का लुफ्त 11 बजे से रात 10 बजे तक उठाया जा सकता है।
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