मेरे घर की दीवारों पर अब राजस्थान की कुछ कठपुतलियां मुस्कुरा रही हैं. दक्षिण भारत की कुछ लकड़ी की चिड़ियाएं मूक चहचहा रही हैं. कुछ रंग-बिरंगे कागज़ के सिपाही मेरी दीवार से मुझे लिखता हुआ देख जाने क्या सोच रहे हैं. और वो एक जापानी मुस्कराहट मेरी आंखों के सामने अब भी नाच रही है….