विदेश यात्राओं पर हिंदी के यात्रा वृत्तांत (Hindi Travel books on foreign travel) कम ही हैं और उनपर बहुत बात नहीं होती. मैंने सोचा कि क्यों ना इस कमी को पूरा किया जाए और आपको रूबरू कराया जाए उन किताबों से। वो किताबें जिनमें लहराती नदियाँ हैं, गहराते समंदर और हैं पहाड़ों की ऊँचाइयाँ या…
हिंदी यात्रा-लेखन की परम्परा में निर्मल वर्मा एक बड़ी अहम कड़ी हैं। आज यात्राकार पर पढ़िए उनके यात्रा वृत्तांत ‘चीडों पर चाँदनी’ से एक अंश। निर्मल वर्मा : एक पुरानी चीनी कहावत है : हज़ार मील की यात्रा एक छोटे क़दम से आरम्भ होती है। किन्तु कौन-से अनजाने क्षण हम वह कदम, आँखें मूँद, ले…
भारत को मेलों का देश कहा जाता है लेकिन भारत के लोगों के लिए कुंभ मेले का अपना अलग ही महत्व है। भारत और विदेशों के कई मशहूर यात्रा लेखक कुंभ मेले को अपनी-अपनी तरह से दर्ज करते हैं लेकिन निर्मल वर्मा के लिखे की बात कुछ और होती है। उनके यात्रा वृत्तांत इतने मार्मिक…