मीना झा की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के वृत्तांत
इस यात्रा ने मुझे क्षमा करना सिखाया
ऑस्ट्रेलिया की यात्रा का वृत्तांत
‘दी ग्रेट बैरियर रीफ़’ की समुद्री यात्रा का रोमांचक विवरण
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पाठकीय समीक्षा : दूर दुर्गम दुरुस्त (Door Durgam Durust review) संयोग बड़े मजेदार होते है, सच में. आठ-दस दिन में दूसरी बार ये एहसास हुआ. उमेश पंत की पूर्वोत्तर यात्रा वाली किताब परसों दोपहर घर आई. कल शाम तक उनके साथ असम, अरूणाचल, नागालैंड और मणिपुर में था. गुवाहाटी से दिल्ली के लिये उनकी फ़्लाइट…
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ट्रैवल बुक रिव्यू : तुम्हारा नाम क्या है तिब्बत, चंद्रभूषण ( अंतिका प्रकाशन) समीक्षक : गीता श्री [dropcap]प[/dropcap]त्रकार चंद्रभूषण जी की यात्रा पुस्तक “ तुम्हारा नाम क्या है तिब्बत “ ( अंतिका प्रकाशन) मंगा ली . तिब्बत नाम मुझे खींच रहा था. आख़िर एक पत्रकार दूसरे पत्रकार का लिखा कैसे न पढ़ें वो भी उस…
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हिंदी यात्रा-लेखन की परम्परा में निर्मल वर्मा एक बड़ी अहम कड़ी हैं। आज यात्राकार पर पढ़िए उनके यात्रा वृत्तांत ‘चीडों पर चाँदनी’ से एक अंश। निर्मल वर्मा : एक पुरानी चीनी कहावत है : हज़ार मील की यात्रा एक छोटे क़दम से आरम्भ होती है। किन्तु कौन-से अनजाने क्षण हम वह कदम, आँखें मूँद, ले…
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अनिल यादव की हालिया प्रकाशित किताब कीड़ाजड़ी (Keeda Jadi By Anil Yadav) कल दिन में ही पहुँची अभी-अभी पढ़कर ख़त्म की। अमेजोन की तकनीकी ख़ामियों के चलते चिरप्रतीक्षित की श्रेणी में बस जाते-जाते बची। अच्छी किताब की ख़ास बात यही है कि एक बार शुरू करके आप ख़त्म करने का लोभसंवरण नहीं कर पाते। इसलिए किताब…
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मशहूर कथाकार और यात्रा वृत्तांत लेखक मोहन राकेश की आज सौवीं जयंती है। ‘बंद अंधेरे कमरे’, ‘आधे अधूरे’ जैसे नाटक, ‘आषाढ़ का एक दिन’ जैसा उपन्यास’ और ‘आख़री चट्टान तक’ जैसा यात्रा वृत्तांत और शानदार कहानियाँ रचने वाले मोहन राकेश हिंदी साहित्य का एक बड़ा नाम हैं। इस मौके पर उनकी किताब ‘आँखरी चट्टान तक’…
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