Hindi travelogue Door Durgam Durust

चार महीनों से चल रही लॉकडाउन की क़ैद में हवा के झौंके सी किताब 

पाठकीय समीक्षा : दूर दुर्गम दुरुस्त  संयोग बड़े मजेदार होते है, सच में. आठ-दस दिन में दूसरी बार ये एहसास हुआ. उमेश पंत की पूर्वोत्तर…

‘सियाहत’ की रवायत को आगे बढ़ाती किताब

भारतीय ज्ञानपीठ की ओर से दिए जाने वाले 'नवलेखन पुरस्कार' (2017) से सम्मानित आलोक रंजन की किताब दक्षिण भारत की उनकी यात्राओं पर आधारित है.…

नया यात्रा वृत्तांत- नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड

प्रवीण झा नॉर्वे (यूरोप) में रहते हैं. हिन्दी लेखन में लगातार सक्रिय हैं. पेशे से डॉक्टर हैं और मन से यायावर. संगीत से जुड़े विषयों…

प्रेम की एक कहानी है ‘गोरंग देस से गंगोत्री’

किशोर चंद्र पाटनी, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में गोरंगचौड़ नाम की जगह पर राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता हैं. उनकी एक किताब आ रही है –…

जर्मनी पर मनोहर श्याम जोशी की उड़ती नजर

मनोहर श्याम जोशी हिंदी में एक अलग तरह की क़िस्सागोई के लिए जाने जाते हैं। ख़ास चुटीला अन्दाज़ और उसमें व्यंग्य का अनूठा तड़का, आप एक बार पढ़ना…

कहानी उस ‘देस’ की जहाँ समय स्थिर है और आदमी खर्च हो रहा है

अविनाश मिश्र : भाषा को बहुत सावधानी और ख़ूबसूरती से बरतने वाले समकालीन युवा लेख़कों में अविनाश मिश्र एक जाना-पहचाना नाम हैं। हिंदी साहित्य जगत…

चलते-चलते दिमाग भी एक यात्रा पर निकल पड़ता है

श्रीश के पाठक : समीक्षा : इनरलाइन पास  यात्रा वृत्तांत  हिंदयुग्म प्रकाशन बड़ी मुश्किल से हम गर्भ के कोकून से निकलते हैं और फिर ज़िन्दगी…
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