ब्लैक स्वान को देखकर

(Last Updated On: October 7, 2019)
हमारा अपना काल्पनिक मानसिक संसार जब हमारी जिन्दगी में शामिल होने लगता है तो हमारा व्यवहार उसे ज़ाहिर कर देता है। इस रियल और इमेजनरी मेंटल वर्ड का मिक्सचर सिनेमा के जरिये कभी कभी एक जबरदस्त अनुभव बन जाता है। फिल्म देखते हुए तो आप फिल्म के साथ जीने ही लगते हैं फिल्म देखने के बाद भी आप कुछ देर उस दुनिया से बाहर नहीं निकलना चाहते। उस दुनियां में क्या, क्यों और कैसे हो रहा था आपको इन सवालों से उपजी उलझनें अपने में कहीं शामिल कर लेती हैं। आप उन उलझनों का हिस्सा हो जाते हैं। और खुद को सुलझाने की इस प्रोसेस में टाईम लगता है। ये वही टाईम है जो आपको उस फिल्म द्वारा रचे गये आपके खुद के मानसिक संसार से बाहर आने में लगता है। ऐसा हर फिल्म को देखते हुए नहीं होता। इससे पहले किस्लोवस्की की रेड, ब्लू, व्हाईट  टायोलोजी को देखकर ऐसा हुआ था। या फिर रोमान पोलान्स्की की बिटर मून और द नाईन्थ गेट ने कुछ ऐसा अनुभव कराया था। और भी कुछ फिल्में होंगी। अभी याद नहीं आ रही हैं। ब्लैक स्वान के साथ एक बार फिर ऐसा हुआ।
    एक बेली डांसर निना जिसे स्वान लेक नाम के एक स्टेज शो में व्हाईट और ब्लैक स्वान की भूमिकाओं को एक साथ निभाना है। जो व्हाईट स्वान के रुप में बेहतरीन है लेकिन ब्लैक स्वान के रुप में उसे खुद को इम्प्रूव करना है। ऐसा ना करने पर वो स्टेज शो में लीड भूमिका में नहीं रह पायेगी। उसके विकल्प भी पहले से मौजूद हैं। लिली नाम की एक दूसरी डांसर उसकी प्रतिद्वंद्वी है। लेकिन निना के दिमाग में ये भूमिका अदा करने का जुनून हावी है। शो का डाईरेक्टर थौमस ये जानता है कि निना अच्छा कर सकती है। लेकिन उसमें उसे एक परफैक्सनिस्ट दिखाई देता है। और वो मानता है कि ग्रे शेड वाला कोई किरदार परफैक्सनिस्ट हो ही नहीे सकता। उसे फलेक्ज़िबल होना ही होगा। वो निना पर दबाव बनाता है। निना धीरे धीरे ब्लैक स्वान के किरदार को जीना शुरु करती है। ब्लैक स्वान उसकी जिन्दगी में गहरे तक शामिल होने लगता है। उसके साथ ऐसी घटनाएं होने लगती हैं जो असल में उसके साथ नहीं हो रही। वो विजुअल और आडिटरी हैल्यूसिनेशन की शिकार होने लगती है। उसे लगने लगता है कि लिली उसकी जगह लेने के लिये गहरी चालें चल रही है। वो लिली के साथ काल्पिनिक रुप से उन चालों में खुद को शामिल पाती है। इस तरह वो दो जिन्दगियां एक साथ जीने लगती है। एक जिसमें वो व्हाईट स्वान की तरह मासूम है और दूसरी जिसमें वो ब्लैक स्वान की तरह शातिर । निना पर हावी ब्लैक स्वान उससे लिली का खून करवा देता है। उसे लगता है कि वो लिली को मार चुकी है। पर असल में उसने कोई हत्या की ही नहीं है।
  फिल्म की खास बात यही है कि जिस डैल्यूजनल वे में निना घटनाओं को होते हुए देख रही है दर्शक होने के नाते हम भी उनको उसी तरह से देखने लगते हैं। उसी डैल्यूजनल वे में। हम भी उसके साथ उसी भुलावे और खास तरह की मानसिक टेंशन में जीने लगते हैं। हैन्ड हैल्ड कैमरा के शेकी मूंमेंट और लगातार बढ़ता म्यूजिक फिल्म में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर फिल्म आपको कुछ देर के लिये निना की दुनिया में पूरी तरह घुसकर उसे जीने के लिये मजबूर करती है। और पूरी फिल्म देखने के बाद आपको फिल्म द्वारा रची गई दुनिया से बाहर आने में जो कुछ समय लगता है उसे एक बेहतरीन सिनेमेटिक एक्सपीरियेंस तो आप कह ही सकते हैं।

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