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‘सियाहत’ की रवायत को आगे बढ़ाती किताब

भारतीय ज्ञानपीठ की ओर से दिए जाने वाले ‘नवलेखन पुरस्कार’ (2017) से सम्मानित आलोक रंजन की किताब दक्षिण भारत की Read More

ऐसे होता था भारत और तिब्बत के बीच व्यापार

सुशील बहुगुणा वरिष्ठ पत्रकार हैं और एनडी टीवी से जुड़े हैं. खासतौर पर पर्यावरण से जुड़े विषयों पर उन्होंने कई Read More

अमेरिका नाम तो सुना होगा ! (पार्ट-2)

अमेरिका में मेरी पहली सुबह बारिश की फुहारें लेकर आयी सुबह होते ही जिन्दगी का सबसे कठिन सवाल मेरे सामने Read More

अमेरिका, नाम तो सुना होगा !

मुकुल श्रीवास्तव :   अमेरिका नाम तो आपने जरूर सुना होगा और हर भारतीय की तरह वहां जाने की इच्छा Read More

देश की राजधानी में नींद भी है एक सपना

नोट: लेख मूलतः नवभारत टाइम्स के लिए लिखा गया है और  14 नवम्बर 2015 के सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हो Read More

पीके एकदम ‘लुल’नहीं है

चलिये शुरु से शुरु करते हैं। पीके इसी भाव से शुरु होती है। एकदम नग्न। आवरणहीन। इस विशाल दुनिया के Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा -4

चौथा दिन : बेरीनाग-चौकौड़ी-राईआगर-गंगोलीहाट  सुबह-सुबह हम बेरीनाग से चौकोड़ी के रवाना हो गए. मौसम एकदम खुला हुआ था. आकाश एकदम Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा – 3

तीसरा दिन: अल्मोड़ा-धौलछीना-सेराघाट-राईआगर-बेरीनाग सुबह के करीब साड़े नौ बजे हम अल्मोड़ा से रवाना हुए। अब तक बिना नागा भागती बाइक Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा -1

पहला दिन: दिल्ली-रामपुर-नौकुचियाताल 21 नवम्बर से 27 नवम्बर हम लगातार हिमालय का पीछा करने वाले थे। 20 तारीख की सुबह Read More

पत्थर नहीं लगवाया तो प्रसाद नहीं दिया

(यह लेख गाँव कनेक्शन  के ४४ वें अंक में प्रकाशित हो चुका है.) अयोध्या के बारे में अब तक अर्जित मेरी Read More

कहीं आप भी नीरो के मेहमान तो नहीं हैं

नोट: मेरा यह लेख साप्ताहिक समाचार पत्र गाँव कनेक्शन में प्रकाशित हो चुका है। रोम में एक शासक हुआ करता Read More

हर गली पर

सामने है एक विशाल इमारत लगी है जिसपर एशियन पेन्ट से सनी पत्थरों की मोटी चाहरदीवारी। ये मोटी दीवारें छिपा Read More

खाली जगह

लाखों, करोड़ों में से,   किसी एक के कम होने सेयूं तो फर्क नहीं पड़ना चाहियेफिर भी पड़ता है फर्क….कुछ जो Read More

ख़बर दर ख़बर

टीवी पर आने वाली हर नई ख़बर के साथहमारी आत्माएं और भ्रष्ट होती जाएंगी।नीदों की आंखों में धूल झोंकता शहररोशनी Read More

एक ईमानदारी से बोले गये झूठ की ‘कहानी’

कहानी के ट्रेलर देखकर लग रहा था कि कोई रोने धोने वाली फिल्म होगी… जिसमें शायद कलकत्ते को लेकर नौस्टेल्जिया Read More

हमारे सिनेमा को जरुरत है पान सिंह तोमर जैसे बागियों की

बीहड़ में बागी होते हैं… डकैत मिलते हैं पार्लामेन्ट में….  पान सिंह तोमर का ये डायलौग फेसबुक की दीवारों पे Read More

खुशी की आदत…

ये अंधेरा कभी तोउस उजाले सा रहा होगातुम्हें जब कुछ नहीं दिखाबहुत कुछ हो रहा होगाबहुत थोड़ी सी बारिशथोड़ी सी Read More

चार छोटी कविताएं

सन्नाटे की मौततुम न कहोमैं समझ न पांउं।कुढ़ता रहूं हमेशा।तुम भी रहो परेशान।रहे सदाअवान्छनीय मौन।बेहतर हैमौत जैसे सन्नाटै सेसन्नाटे की Read More

सवेरा

सवेरासूर्य की विजय नहीं होता। अधिकार की लड़ाई में तारों की पराजयया चन्द्रमा का दमन भी नहीं। सवेरा एक यात्रा है अंधेरे में नहाकर लौट जाना रोज की Read More

शब्द

शब्द गिरगिट की तरह होते हैंऔर बदल जाते हैं पल मेंमायनों की तरह।रोशनी से मिलते हैं शब्दऔर बिखर जाते हैंजैसे Read More

जन्नत की हकीकत

ऊंची सियासत ने कीबड़ी गलतियांऔर कश्मीर कश्मीर हो गया।दिखाये गयेधरती पर स्वर्ग के सपनेपर स्वर्ग बन पाने की सभी शर्तेंदमन Read More

पाबंदी

थोड़ी थोड़ी धूप संभाले रिमझिम सी बरसात भी होचुप्पी भी हो खामोशी भी थोड़ी थोड़ी बात भी होटप टप की Read More

कल

मैं भी था और तुम भी थी और वो निर्जन सी चुप्पी भीअच्छा होता गर वो खामोशी हमसे कुछ कहती Read More

कोशिश

ऐसी क्या मजबूरी थी इतना न हुआ कल आ जातेकल से फिर ना आओगे बस इतना ही बतला जाते।हमने समय Read More

सवेरा

सवेरा सूर्य की विजय नहीं होता। अधिकार की लड़ाई में तारों की पराजय या चन्दमा का दमन भी नहीं। सवेरा एक यात्रा है अंधेरे में नहाकर लौट जाना रोज Read More

इफरात

काश मैं जीता कुछ दिनकुछ न होने के लिए।कुछ बनने की शर्त को प्याज के छिलके के साथफेंक आता कूड़ेदान Read More

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