Author: yatrakaar

यूरोप का सबसे बड़ा झरना और क्रिस्टल का जादुई संग्रहालय

यह 2018 में की गई मेरी यूरोप यात्रा के वृत्तांत हैं जो दैनिक भास्कर में सिलसिलेवार प्रकाशित हो रहे हैं. Read More

हमारे बीच वो लोग अभी ज़िंदा हैं : जयपुर यात्रा भाग-4

तुलिका पांडेय गोरखपुर से हैं. लखनऊ में रहती हैं. अंग्रेज़ी साहित्य में मास्टर किया है पर लिखती हिंदी में हैं. Read More

लपक के छूना हिमालय को : ब्रह्मताल ट्रेकिंग भाग-2

विनीता यशस्वी नैनीताल से हैं. खूब घुमक्कड़ी करती हैं और देखे गए नज़ारों को शानदार तस्वीरें में भी उकेरती हैं. Read More

लपक के छूना हिमालय को : ब्रह्मताल ट्रेकिंग भाग-1

विनीता यशस्वी नैनीताल से हैं. खूब घुमक्कड़ी करती हैं और देखे गए नज़ारों को शानदार तस्वीरें में भी उकेरती हैं. Read More

हमारे बीच वो लोग अभी ज़िंदा हैं : जयपुर यात्रा भाग-2

तुलिका पांडेय गोरखपुर से हैं. लखनऊ में रहती हैं. अंग्रेज़ी साहित्य में मास्टर किया है पर लिखती हिंदी में हैं. Read More

हमारे बीच वो लोग अभी ज़िंदा हैं : जयपुर यात्रा भाग-1

तुलिका पांडेय गोरखपुर से हैं. लखनऊ में रहती हैं. अंग्रेज़ी साहित्य में मास्टर किया है पर लिखती हिंदी में हैं. Read More

‘सियाहत’ की रवायत को आगे बढ़ाती किताब

भारतीय ज्ञानपीठ की ओर से दिए जाने वाले ‘नवलेखन पुरस्कार’ (2017) से सम्मानित आलोक रंजन की किताब दक्षिण भारत की Read More

एक दिन मुम्बई के गोराई बीच पर

प्रशांत तिवारी उत्तर-प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. फ़िलहाल भोपाल में Read More

मुनस्यारी के मोड़ों पर हमारे लिए ट्विस्ट था : भाग-2

लतिका जोशी पत्रकार हैं. उत्तराखंड से हैं. कहानियां और कविताएं भी लिखती हैं. उनकी यात्राओं के क़िस्से पहले भी यात्राकार Read More

दार्जिलिंग मेरे बचपन का स्विट्ज़रलैंड है : भाग-3

प्रतीक्षा रम्या कोलकाता में रहती हैं. पत्रकारिता की छात्रा रही हैं. उन्होंने कोलकाता से दार्जिलिंग की अपनी यात्रा की कहानी Read More

नया यात्रा वृत्तांत- नास्तिकों के देश में: नीदरलैंड

प्रवीण झा नॉर्वे (यूरोप) में रहते हैं. हिन्दी लेखन में लगातार सक्रिय हैं. पेशे से डॉक्टर हैं और मन से Read More

दार्जिलिंग मेरे बचपन का स्विट्ज़रलैंड है : भाग-2

प्रतीक्षा रम्या कोलकाता में रहती हैं. पत्रकारिता की छात्रा रही हैं. उन्होंने कोलकाता से दार्जिलिंग की अपनी यात्रा की कहानी Read More

दार्जिलिंग मेरे बचपन का स्विट्ज़रलैंड है : भाग-1

प्रतीक्षा रम्या कोलकाता में रहती हैं. पत्रकारिता की छात्रा रही हैं. उन्होंने कोलकाता से दार्जिलिंग की अपनी यात्रा की कहानी Read More

रवीश कुमार की अमरीका यात्रा : भाग 2

रवीश कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं और एनडीटीवी से जुड़े हैं. हाल ही में उन्होंने अमरीका की यात्रा की. अपनी इस Read More

रवीश कुमार की अमरीका यात्रा : भाग -1

रवीश कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं और एनडीटीवी से जुड़े हैं. हाल ही में उन्होंने अमरीका की यात्रा की. अपनी इस Read More

किलों और महलों का शहर है प्राग

तृप्ति शुक्ला मीडिया से जुड़ी हैं. अक्सर मुस्कुराती हुई नज़र आती हैं. फ़ेसबुक पर अपने ‘क्वर्की वन लाइनर्स’ के लिए Read More

सर्द हवाओं में लिपटा अटलांटिक का किनारा

अपूर्वा अग्रवाल आईआईएमसी से पढ़ी हैं. टाइम्स ऑफ़ इंडिया और बिज़नेस स्टैंडर्ड में  पत्रकार रह चुकी हैं. फ़िलहाल जर्मनी में Read More

रात में जादुई नगरी लगने लगता है बुडापेस्ट

तृप्ति शुक्ला मीडिया से जुड़ी हैं. अक्सर मुस्कुराती हुई नज़र आती हैं. फ़ेसबुक पर अपने ‘क्वर्की वन लाइनर्स’ के लिए Read More

पोलैंड की वो राजधानी, जहां लोग ख़्वाब जी रहे थे

तृप्ति शुक्ला मीडिया से जुड़ी हैं. अक्सर मुस्कुराती हुई नज़र आती हैं. फ़ेसबुक पर अपने ‘क्वर्की वन लाइनर्स’ के लिए Read More

ऐसे होता था भारत और तिब्बत के बीच व्यापार

सुशील बहुगुणा वरिष्ठ पत्रकार हैं और एनडी टीवी से जुड़े हैं. खासतौर पर पर्यावरण से जुड़े विषयों पर उन्होंने कई Read More

प्रेम की एक कहानी है ‘गोरंग देस से गंगोत्री’

किशोर चंद्र पाटनी, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में गोरंगचौड़ नाम की जगह पर राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता हैं. उनकी एक Read More

जर्मनी पर मनोहर श्याम जोशी की उड़ती नजर

मनोहर श्याम जोशी हिंदी में एक अलग तरह की क़िस्सागोई के लिए जाने जाते हैं। ख़ास चुटीला अन्दाज़ और उसमें व्यंग्य का अनूठा Read More

कहानी उस ‘देस’ की जहाँ समय स्थिर है और आदमी खर्च हो रहा है

अविनाश मिश्र : भाषा को बहुत सावधानी और ख़ूबसूरती से बरतने वाले समकालीन युवा लेख़कों में अविनाश मिश्र एक जाना-पहचाना Read More

ब्रेख्त और एक उदास नगर

हिंदी यात्रा-लेखन की परम्परा में निर्मल वर्मा एक बड़ी अहम कड़ी हैं। आज यात्राकार पर पढ़िए उनके यात्रा वृत्तांत ‘चीडों Read More

मोहन राकेश और एक आख़री चट्टान

मोहन राकेश : वांडर लस्ट खुला समुद्र-तट। दूर-दूर तक फैली रेत। रेत में से उभरी बड़ी-बड़ी स्याह चट्टानें। पीछे की Read More

निर्मल वर्मा की प्रयाग यात्रा

निर्मल वर्मा : प्रयाग : 1976 मुँह अँधेरे सीटी सुनाई देती है-घनी नींद में सुराख बनाती हुई-एक क्षण पता नहीं Read More

मोरक्कन घुमक्कड़ इब्न बतूता की भारत यात्रा

मोरक्कन यात्री इब्नबतूता का जन्म 24 फरवरी 1304 ई. को हुआ था। इनका पूरा नाम अबू अब्दुल्ला मुहम्मद था। इब्बनबतूता Read More

अज्ञेय ने देखी एक बूँद जो सहसा उछली

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय : घुम्मकड़ी एक प्रवृत्ति ही नहीं, एक कला भी है। देशाटन करते हुए नये देशों में Read More

‘हंसा’ :गांव में शहर की गुपचुप घुसपैठ

हंसा। थियेटर और सिनेमा के अदाकार मानव कौल ने जब इस फिल्म को अपनी फेसबुक टाइमलाइन पे शेयर किया तो Read More

दस्तूरी समाज में कस्तूरी की तलाश : मसान

वो कहती है- “तुम बहुत सीधे और ईमानदार हो। बिल्कुल निदा फाज़ली की गज़लों की तरह।” वो पूछता है – Read More

भारतीय समाज का ‘चेस्टिटी टेस्ट’ : ‘सेक्रेड ग्लास बाउल’

प्रिया ‘सेक्रेड ग्लास बाउल’ का जो खूबसूरत प्रतीक अपनी फिल्म में गढ़ती हैं उसका सीधा सा अर्थ यही है कि Read More

‘ओल्ड स्कूल’ होकर भी ‘घणी बांवरी’ सी फिल्म

एक शक्ल की दो लड़कियां हैं जिनमें एक ओरिजनल है एक डुब्लिेकेट। अब असल मुद्दा ये है कि जो आॅरिजनल Read More

ये ‘निर्णय’ आखिर किसका है ?

पुष्पा रावत कैमरा लेकर निकलती है निम्न मध्यवर्गीय परिवार की युवा लड़कियों की उन इच्छाओं की खोज में जिन्हें रोजमर्रा Read More

हत्याओं के प्रतिशोध से गुजरता हाइवे

एन एच 10 के एक दृश्य में मीरा (अनुष्का शर्मा) हाइवे के किसी ढाबे के गंदे से टॉयलेट के दरवाज़े Read More

कसेट वाले ज़माने में मोह के धागे

बाज़ार के सामने बार-बार हारता बाॅलिवुड जब दम लगाता है तो दम लगाके हाइशा सरीखा कुछ सम्भव हो पाता है। Read More

पीके एकदम ‘लुल’नहीं है

चलिये शुरु से शुरु करते हैं। पीके इसी भाव से शुरु होती है। एकदम नग्न। आवरणहीन। इस विशाल दुनिया के Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा -4

चौथा दिन : बेरीनाग-चौकौड़ी-राईआगर-गंगोलीहाट  सुबह-सुबह हम बेरीनाग से चौकोड़ी के रवाना हो गए. मौसम एकदम खुला हुआ था. आकाश एकदम Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा – 3

तीसरा दिन: अल्मोड़ा-धौलछीना-सेराघाट-राईआगर-बेरीनाग सुबह के करीब साड़े नौ बजे हम अल्मोड़ा से रवाना हुए। अब तक बिना नागा भागती बाइक Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा – 2

दूसरा दिन: नौकुचियाताल-गागर-रामगढ़-प्यूरा-अल्मोड़ा पहले दिन के सफर की थकन रात को एक अच्छी नीद में तब्दील हुई तो सुबह-सुबह आंख Read More

उत्तराखंड बाइक यात्रा -1

पहला दिन: दिल्ली-रामपुर-नौकुचियाताल 21 नवम्बर से 27 नवम्बर हम लगातार हिमालय का पीछा करने वाले थे। 20 तारीख की सुबह Read More

वक्त की उंगलियों में नाचती है ज़िंदगी की कठपुतली

रात का तकरीबन नौ बज रहा था। संगीत नाटक अकादमी से बाहर निकला ही था कि मेनरोड पर एक रिक्शेवाले Read More

आँखें खोलने की नसीहत देती ‘आँखों देखी’

दो समानान्तर रेखाएं अनन्त पर मिलती हैं। बाउजी इस बात को मानने से इनकार देते हैं। दो समानान्तर रेखाएं अगर Read More

उन चीज़ों को खोते हुए देखना जो आपको बनाती हैं

Beasts of the southern wild हशपपी का खुद पर और जीवन की अच्छाईयों पर एक गहरा और अटूट भरोसा है। Read More

ये नगरिया ‘पहले आप’की, ‘जनाब’की है

ये नगरिया ‘पहले आप’ की, ‘ज़नाब’ की है                                                                                                               यहां दूसरे की भी दुकान आपकी है ‘कड़ाई’ में है चिकन और Read More

एक औरत के मन तक ले जाती फिल्म

Film : A woman under influence कितनी फिल्में होंगी जो स्त्रियों के मनोविज्ञान में बहुत गहरे तक झांकने की कोशिश Read More

अकेलापन समेटकर मुस्कराहट बिखेरती Amelie

एमिली अकेलेपन से जूझती एक लड़की है जो अपनी दुनिया को परी-कथाओं सा बनाकर अपने अकेलेपन का हल खोज रही Read More

आपकी ज़िंदगी से बात करती एक फिल्म : ‘Her’

 फेसबुक पर एक दोस्त के स्टेटस को देखकर ये फिल्म डाउनलोड की और अब रात के दो बजकर 30 मिनट हो Read More

‘एक सौ दर्द जले जब दिल में, एक नज़्म का जन्म हुआ’

गुलज़ार  साहब को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने की बधाई देते हुए मोहल्ला लाइव पर छपने वाली अपनी ‘मुंबई डायरी’ Read More

‘उत्तराखंड आन्दोलन’का जनगीत ‘लस्का कमर बांधा’

पिछली पोस्ट में आपने सुना उत्तराखंड के  मशहूर जनकवि और गीतकार हीरा सिंह राणा का गाया  गीत ‘संध्या ‘. आज Read More

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